दिमाग को नुकसान नहीं पहुंचाता माइग्रेन

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July, 22, 2016

पेरिस/लंदन। माइग्रेन की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए यह सुकून देने वाली खबर हो सकती है कि अत्यधिक पीड़ादायक सिरदर्द (माइग्रेन) दिमाग को नुकसान नहीं पहुंचाता। एक अध्ययन में यह बात सामने आई है।

पेरिस के पियरे एट मैरी क्यूरी विश्वविद्यालय के शोधकर्ता क्रिस्टोफे टीजौरियो ने बताया कि माइग्रेन के मरीजों का पहला प्रश्न यही होता है कि क्या इससे मस्तिष्क को क्षति पहुंचती है। उन्होंने बताया कि आज हम इसका जवाब दे सकते हैं कि इससे घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।

माइग्रेन के वास्तविक कारण का पता नहीं है लेकिन इसका संबंध मस्तिष्क में रक्त ले जाने वाली नलिकाओं से होता है। एमआरआई के जरिए पूर्व में किए शोधों से पता चला था कि जिन लोगों को भयानक माइग्रेन होता है उनमें मस्तिष्क के भीतर सूक्ष्म वाहिकाओं में छोटे छोटे जख्म हो जाते हैं। उच्च तनाव के शिकार लोगों के मस्तिष्क में भी इसी प्रकार के जख्म बनते हैं। बड़ी संख्या में इनका अवसाद, हृद्य रोग की गहन आशंका, अल्जाइमर , बाधित स्मरण शक्ति तथा तार्किकता से संबंध होता है।

टाइपिंग के बजाय हाथ से लिखना है बेहतर
क्या आप चाहते हैं कि आपका बच्चा बेहतर तरीके से सीखे? इसके लिए सुनिश्चित करना होगा कि वे महत्वपूर्ण बातों को कंप्यूटर पर लिखने की बजाय हाथ से पेपर पर लिखें। नार्वे की सत्वेंगर यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने पाया है कि टाइप करने के बजाय पेपर पर लिखने वाले बच्चे या छात्र कहीं बेहतर तरीके से सीखते हैं।

उन्होंने बताया कि पेन से किसी पेपर पर लिखने और किताब से पढ़ने की प्रक्रिया से ज्ञान मस्तिष्क में बेहतर तरीके से अपनी छाप कायम करता है। लेकिन कम्प्यूटर पर यही काम करने से सीखने में उतनी अधिक मदद नहीं मिलती। पढ़ने और लिखने में ज्ञानेन्द्रियां काम करती हैं और जब हाथ से लिखा जाता है तो मस्तिष्क मांसपेशियों और उंगली के पोरों से प्रतिक्रिया हासिल करता है। रिपोर्ट बताती है कि इस प्रकार की प्रतिक्रिया किसी कीबोर्ड को छूकर उस पर टाइप करने से मिलने वाली प्रतिक्रिया के मुकाबले अधिक मजबूत होती है।

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